
हाथ बदल जाते हैं
बरसों तक वो हाथ उनका था।
स्कूल के गेट तक। मेले की भीड़ में। अस्पताल की लंबी क़तार में।
फिर किसी दिन, बिना किसी घोषणा के, पकड़ बदल जाती है। अब दवाइयों के नाम आपको याद रहते हैं। फ़ोन पर आप पूछते हैं, खाना खाया? सीढ़ियों पर आप एक क़दम पीछे चलते हैं, ताकि उन्हें पता न चले कि आप सँभालने के लिए वहाँ हैं।
कोई ये सिखाता नहीं। और कोई ठीक से बताता भी नहीं कि ये एक साथ कितना कोमल और कितना अजीब लगता है।
वो कौन सा पल था, जब आपको पहली बार लगा कि अब हाथ आपका है?
