जिनसे हम कभी मिले नहीं
आज से पितृ पक्ष शुरू।
इन पंद्रह दिनों में जिन्हें याद किया जाता है, उनमें कुछ ऐसे भी होते हैं जिन्हें हमने कभी देखा ही नहीं। परदादा। परदादी। कोई नाम जो हर साल लिया जाता है, जिसके साथ कोई चेहरा नहीं जुड़ा।
हम उन्हें एक नाम की तरह याद रखते हैं। वो क्या करते थे, कहाँ से आए थे, किस बात पर हँसते थे — ये अब किसी को पता नहीं। दो पीढ़ियों में इंसान सिकुड़कर एक शब्द रह जाता है।
और यही हमारे साथ भी होगा। किसी दिन कोई हमारा नाम लेगा, बिना ये जाने कि हम कौन थे।
आपके घर में सबसे पुराना नाम कौन सा है जो आज भी लिया जाता है — और उसके बारे में एक बात, कोई बता सकता है?
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